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The Website of HP State Legal Services Authority has been launched by Hon'ble Mr. Justice Mansoor Ahmad Mir, Chief Justice of HP High Court.               Mediation is a non-binding negotiation process, in which a neutral third person facilitate the parties in arriving at a mutually acceptable settlement. ˃ Mediation process is voluntarily. It focus on future and not to dissect the past. ˃ Law mandates mediation and  courts  encourage and endorse it. ˃ Mediation restores relations and improves future. ˃ Mediation focus on long term relationship. ˃ Mediation saves time, money as  well as relations. Mediation process is a confidential process where none except the parties and mediator knows about the proceedings and no record of the process is maintained. ˃ मध्यस्थता द्वारा मुकदमेंबाजी का अतिशीघ्र समाधान किया जाता है तथा समय व खर्चे की बचत होती है। ˃ मध्यस्थता द्वारा विवादों का निपटारा होने से बार - बार न्यायालय के चक्कर लगाने से छुटकारा मिलता है तथा यह एक अत्यधिक सरल एवं सुविधाजनक उपाय है। ˃ मध्यस्थता के द्वारा विवादों का निपटारा होने से विवाद का हमेशा के लिए समाधान हो जाता है तथा जो निर्णय मध्यस्थता से होते हैं उसकी कोई अपील - दलील किसी भी न्यायालय में नहीं होती। ˃ मध्यस्थता एक अनौपचारिक निजी तथा पूर्णतः गोपनीय प्रक्रिया है जो दोनों पक्षों के समक्ष की जाती है इसमें कोई भी जोर जबरदस्ती नहीं की जाती। ˃ मध्यस्थता सामाजिक सद्‍भाव कायम करने में सहायक होती है तथा मध्यस्थता द्वारा विवाद हल होने पर वादी कोर्ट फीस एक्ट 1870  की धारा-16 के तहत पूरा न्यायालय शुल्क वापिस लेने का हक़दार होता है। ˃ मध्यस्थता द्वारा विवादों का निपटारा होने से आपसी घृणा खत्म होती है। ˃ मध्यस्थता करने वाला अधिकारी निष्पक्ष होता है और वह दोनों पक्षों का हितैषी होता है और वह ऐसी व्यवस्था करता है कि सभी पक्ष स्वेच्छा से समझौते को अपना सकें।

     

Judicial Divisions Map of Himachal Pradesh

Help Desk: Panel Lawyers may seek case specific guidance on sending query in email: mslegal-hp@nic.in or toll free No. 15100

News clippings of Awareness Programme on the Issue of Drug Addiction amongst youth held on 10.8.2016

 

Hon'ble Mr. Justice Mansoor Ahmad Mir, Chief Justice
- cum-Patron-in-Chief HPSLSA, Shimla

Hon'ble Mr. Justice Sanjay Karol, Executive Chairman,
HPSLSA, Shimla


Holding of National Lok Adalat for Criminal Compoundable Matters throughout the State right from Taluk to Hon'ble High Court level on 10.9.2016

State Plan of Action for the year 2016-2017

 
Last Updated on : August 29, 2016